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(राष्ट्रीय संगोष्ठी)

      (National Seminar)   

  भारतीय वैज्ञानिकों का आधुनिक विज्ञान

   एवं तकनीकी विकास में योगदान 

  13–14 मार्च 2026

  

       🏛 Organized by:

शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल (म.प्र.) 

प्रायोजक

  उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन 

 प्रकाशन भागीदार: Conference World & IARDO

 

Mail your Research Paper: editor@conferenceworld.in


शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल – परिचय

मध्यप्रदेश की सुरम्य राजधानी भोपाल के हृदय स्थल पर स्थित शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय (MVM), भोपाल प्रदेश के अग्रणी एवं प्रतिष्ठित विज्ञान शिक्षण संस्थानों में से एक है। प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण शांत परिसर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण प्रदान करता है।

महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1961 में की गई तथा इसका नामकरण महान विधिवेत्ता पंडित मोतीलाल नेहरू की स्मृति में किया गया। स्थापना के पश्चात से यह संस्था गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी रही है।

यहाँ स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी सहित विभिन्न आधुनिक विषयों का अध्यापन किया जाता है। महाविद्यालय में सुसज्जित प्रयोगशालाएँ, समृद्ध पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएँ एवं आधुनिक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध हैं।

अनुभवी एवं समर्पित प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास हेतु प्रतिबद्ध है। NCC, NSS, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएँ एवं शोध गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं।

 महाविद्यालय अपने उत्कृष्ट परिणामों, अनुशासन एवं उपलब्धियों के कारण प्रदेश में विशिष्ट पहचान रखता है तथा यहाँ से शिक्षित विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

गणित विभाग – परिचय

शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल का गणित विभाग एक सशक्त एवं सुदृढ़ शैक्षणिक इकाई के रूप में स्थापित है। यह विभाग स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर गणित विषय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।

विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता एवं अनुसंधान प्रवृत्ति का विकास करना है।

गणित विभाग में कार्यरत प्राध्यापक शिक्षण के साथ-साथ शोध गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से संलग्न हैं। विभाग के अंतर्गत गणित के विभिन्न आधुनिक क्षेत्रों जैसे — फंक्शनल एनालिसिस, फज़ी गणित, फिक्स्ड पॉइंट थ्योरी, टोपोलॉजी, ऑपरेशन्स रिसर्च आदि में अध्ययन एवं शोध कार्य को प्रोत्साहित किया जाता है।

विभाग समय-समय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, सम्मेलन, कार्यशालाएँ एवं व्याख्यान श्रृंखलाओं का आयोजन करता है, जिससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीन गणितीय शोध से परिचित होने का अवसर प्राप्त होता है।

 गणित विभाग अकादमिक उत्कृष्टता एवं अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देते हुए निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

संगोष्ठी का विषय परिचय

भारत ने आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीवविज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, परमाणु ऊर्जा एवं रक्षा तकनीक जैसे विविध क्षेत्रों में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान ने देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई है।

भारतीय वैज्ञानिकों की यह प्रगति केवल आधुनिक युग तक सीमित नहीं है, अपितु इसकी जड़ें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System – IKS) में निहित हैं। वैदिक गणित, आयुर्वेद, ज्योतिष-खगोल विज्ञान, वास्तुशास्त्र, धातुविज्ञान, कृषि विज्ञान एवं योग जैसे क्षेत्रों में भारत ने विश्व को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांत एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया है। आयुर्भट्ट, भास्कराचार्य, सुश्रुत, चरक, नागार्जुन आदि महान वैज्ञानिकों के कार्य आज भी आधुनिक विज्ञान की आधारशिला माने जाते हैं।

प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय ने भारत को आत्मनिर्भर एवं नवोन्मेषी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समकालीन भारतीय वैज्ञानिकों ने अनुसंधान, तकनीकी विकास एवं नवाचार के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

 प्रस्तुत राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय वैज्ञानिकों के इन महत्वपूर्ण योगदानों पर विमर्श करना, प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं आधुनिक विज्ञान के मध्य सेतु स्थापित करना, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रनिर्माण की भावना से प्रेरित करना है।

भोपाल : एक संक्षिप्त परिचय

भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी, “झीलों की नगरी” के रूप में प्रसिद्ध है। प्राकृतिक सौन्दर्य, हरित वातावरण एवं शांत जीवन शैली के कारण यह देश के आकर्षक एवं स्वच्छ शहरों में गिना जाता है। भोजताल (बड़ा तालाब) एवं छोटा तालाब इस नगर की प्रमुख पहचान हैं, जो इसे विशिष्ट प्राकृतिक आभा प्रदान करते हैं।

यह नगर शिक्षा, संस्कृति एवं अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ अनेक राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थान स्थित हैं, जैसे — मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, NITTTR, IISER तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)। इन संस्थानों के कारण भोपाल अकादमिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

सांस्कृतिक दृष्टि से भोपाल अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब, ऐतिहासिक धरोहरों एवं कला परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। भारत भवन, जनजातीय संग्रहालय, इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय, राज्य संग्रहालय एवं वन विहार राष्ट्रीय उद्यान यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं।

प्राकृतिक सौन्दर्य, आधुनिक सुविधाओं एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता से समृद्ध भोपाल राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन हेतु एक आदर्श स्थल है।

उप-विषय (Sub-Themes)

1. गणित एवं भौतिकी में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान

2.रसायन विज्ञान एवं पदार्थ विज्ञान में भारतीय नवाचार

3.अंतरिक्ष विज्ञान एवं ISRO की उपलब्धियाँ

4.सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा विज्ञान

5.जैव-विज्ञान, चिकित्सा एवं वैक्सीन अनुसंधान

6.कृषि विज्ञान एवं हरित क्रांति

7.नवीकरणीय ऊर्जा एवं सतत विकास

8.रक्षा, परमाणु एवं रणनीतिक तकनीक

9.विज्ञान शिक्षा एवं राष्ट्रीय विकास में वैज्ञानिकों की भूमिका

10. वैदिक गणित विषय से संबंधित अन्य

संगोष्ठी की प्रमुख तिथियाँ निम्नानुसार हैं

Abstract Submission की अंतिम तिथि – 08 मार्च 2026

स्वीकृति सूचना – 10 मार्च 2026

पूर्ण शोध-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि – 12 मार्च 2026

संगोष्ठी आयोजन तिथि – 13–14 मार्च 2026

About IARDO

 

IARDO (International Association of Research and Developed Organization), under India Educational Charitable Trust, is a distinguished academic platform that champions responsible research and sustainable academic practices. With its collaborations through Conference World, it has organized numerous national and international level conferences, all focused on social upliftment and knowledge innovation.

Conference Highlights

·         Accepted papers will be published in reputed international journals with ISSN and impact factor.

·         Authors will receive certificates for both presentation and journal publication.

 

·         All papers included in the ISBN-bearing conference proceedings and indexed in Google Scholar & IDIIF.

Important Dates

 

  • Conference Date: 13-14 March 2026
  • Submission Deadline: 10 March 2026
  • Decision Notification: Within 5 days of submission
  • Final Paper & Registration: Within 3 days of acceptance

 Mode of Research Paper Presentation:

Hybrid Mode: Online & Offline options available.

Registration & Fees

 

  • Non-Author Participation: ₹1000
  • Paper Presentation (Max 2 Authors): ₹1500
  • Proceedings with ISBN: ₹2000
  • Peer-reviewed Journal + Proceedings: ₹3000
  • Web of Science Indexed: ₹8000
  • Scopus Indexed: ₹12000
  • Extra Author: ₹500 | Extra pages after 12 pages: 100 INR    

Address for Communication

Email: editor@conferenceworld.in

 Phone: +91 9759005373 | +91 7830301515

Website: www.conferenceworld.in

 

 

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